Sensex aur Nifty kya hai? सेंसेक्स और निफ्टी क्या है? full details

Sensex और Nifty भारतीय शेयर बाजार के दो सबसे महत्वपूर्ण सूचकांक (indices) हैं। इन्हें बाजार का थर्मामीटर भी कहा जाता है क्योंकि ये दिखाते हैं कि बाजार में हलचल कैसी चल रही है। आइए इनके बारे में विस्तार से समझते हैं।

सूचकांक (Index) क्या है?
What is an index?
आसान भाषा में समझें तो शेयर बाजार में हज़ारों कंपनियां लिस्टेड होती हैं। किसी एक कंपनी के शेयर की कीमत बढ़ने या गिरने से पूरे बाजार के स्वास्थ्य का पता नहीं चलता। इसलिए एक बास्केट बनाई जाती है जिसमें बाजार की कुछ चुनिंदा बड़ी और अहम कंपनियों को शामिल किया जाता है। इसी बास्केट को 'इंडेक्स' या 'सूचकांक' कहते हैं . Sensex और Nifty ऐसे ही दो सबसे प्रमुख सूचकांक हैं।

सेन्सेक्स (Sensex) क्या है?
What is Sensex?
· पूरा नाम: 'सेंसिटिव इंडेक्स' (Sensitive Index) . इसे BBE सेंसेक्स (BSE Sensex) भी कहते हैं।
· संबंधित एक्सचेंज: यह बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सूचकांक है। BSE एशिया का सबसे पुराना स्टॉक एक्सचेंज है ।
· कंपनियों की संख्या: सेंसेक्स में BSE पर लिस्टेड टॉप 30 कंपनियों को शामिल किया जाता है । ये कंपनियां भारतीय अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों (जैसे बैंकिंग, आईटी, ऑटोमोबाइल) का प्रतिनिधित्व करती हैं।
· शुरुआत: इसे वर्ष 1986 में लॉन्च किया गया था ।
· आधार वर्ष और मूल्य: सेंसेक्स की गणना के लिए आधार वर्ष 1978-79 और आधार मूल्य 100 अंक माना गया है ।

निफ्टी (Nifty) क्या है?
What is Nifty?
· पूरा नाम: 'नेशनल स्टॉक एक्सचेंज फिफ्टी' (National Stock Exchange Fifty). इसे निफ्टी 50 के नाम से भी जाना जाता है .
· संबंधित एक्सचेंज: यह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का सूचकांक है। NSE भारत का सबसे बड़ा और आधुनिक स्टॉक एक्सचेंज है .
· कंपनियों की संख्या: निफ्टी में NSE पर लिस्टेड टॉप 50 कंपनियों को शामिल किया जाता है । यह सेंसेक्स के मुकाबले ज़्यादा कंपनियों को कवर करता है, इसलिए इसे बाजार की व्यापक तस्वीर पेश करने वाला माना जाता है ।
· शुरुआत: इसे वर्ष 1996 में लॉन्च किया गया था .
· आधार वर्ष और मूल्य: निफ्टी की गणना के लिए आधार वर्ष 1995 और आधार मूल्य 1000 अंक माना गया है .

सेन्सेक्स और निफ्टी में मुख्य अंतर.
Key Differences Between Sensex and Nifty.
विशेषता सेंसेक्स (Sensex) निफ्टी (Nifty)
पूरा नाम सेंसिटिव इंडेक्स (Sensitive Index)  नेशनल स्टॉक एक्सचेंज फिफ्टी (Nifty Fifty) 
संबंधित एक्सचेंज बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE)  नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) 
कंपनियों की संख्या 30  50 
शुरुआत (लॉन्च वर्ष) 1986  1996 
आधार वर्ष 1978-79  1995 
आधार मूल्य 100  1000 
कवरेज (सेक्टर) लगभग 13 सेक्टर  लगभग 24 सेक्टर (ज़्यादा व्यापक) 

इनकी गणना कैसे होती है?
How are these calculated?
दोनों ही सूचकांकों की गणना फ्री-फ्लोट मार्केट कैपिटलाइज़ेशन विधि से की जाती है . आसान शब्दों में समझें:

· मार्केट कैप: किसी कंपनी का कुल बाजार मूल्य (कुल शेयर x शेयर की कीमत) .
· फ्री-फ्लोट फैक्टर: कंपनी के कुल शेयरों में से वो हिस्सा जो आम जनता के पास है और बाजार में आसानी से खरीदा-बेचा जा सकता है। प्रमोटरों और सरकार के पास वाले शेयर इसमें शामिल नहीं होते .
· गणना का तरीका: इंडेक्स की वैल्यू निकालने के लिए सभी कंपनियों के फ्री-फ्लोट मार्केट कैप को जोड़ा जाता है और फिर उसे आधार वर्ष के मार्केट कैप से भाग देकर आधार मूल्य (सेंसेक्स के लिए 100, निफ्टी के लिए 1000) से गुणा कर दिया जाता है .

सेंसेक्स का अंक निफ्टी से ज़्यादा क्यों होता है?
Why is the Sensex score higher than the Nifty?
अक्सर लोग सोचते हैं कि सेंसेक्स के 75,000 या 80,000 के आंकड़े का मतलब है कि वह निफ्टी (25,000-26,000) से बेहतर प्रदर्शन कर रहा है, लेकिन ऐसा नहीं है। इसकी वजह है :

1. अलग शुरुआती समय: सेंसेक्स निफ्टी से लगभग 10 साल पहले शुरू हुआ, जिससे उसे बढ़ने के लिए ज़्यादा समय मिला।
2. अलग आधार मूल्य: सेंसेक्स की शुरुआत 100 अंक से हुई, जबकि निफ्टी की शुरुआत 1000 अंक से। इस वजह से दोनों के पैमाने (scale) अलग हो गए।

आपको किस पर फोकस करना चाहिए?
What should you focus on?
· समान दिशा: दोनों सूचकांकों में कई कंपनियां (जैसे रिलायंस, HDFC बैंक, TCS) आम हैं, इसलिए ये अक्सर एक ही दिशा (बढ़त या गिरावट) में चलते हैं .
· प्रतिशत में बदलाव ज़्यादा मायने रखता है: निवेशकों के लिए सही तुलना यह है कि दिन भर में किस इंडेक्स ने कितने प्रतिशत का बदलाव दिखाया। 1% की बढ़त दोनों के लिए एक समान ही मायने रखती है .
· निवेश कैसे करें: आप सीधे तौर पर सेंसेक्स या निफ्टी में निवेश नहीं कर सकते। लेकिन आप इंडेक्स फंड या ETF (एक्सचेंज ट्रेडेड फंड) में निवेश कर सकते हैं, जो इन्हीं सूचकांकों की नकल करते हैं .

मुझे उम्मीद है कि यह जानकारी आपके लिए उपयोगी होगी। अगर आपके मन में कोई और सवाल हो, तो पूछ सकते हैं!

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